सेना और वायुसेना ने दिखाई ताकत

लद्दाख में सेना और वायुसेना ने बड़ा युद्धाभ्यास कर दिखाई ताकत


नई दिल्ली। भारतीय सेना ने लद्दाख में हजारों फीट की उंचाई पर चीन से लगती हुई सीमा पर एक बड़ा सैन्य अभ्यास किया है। इस सैन्य अभ्यास में थल सेना के साथ वायुसेना भी शामिल रही। इस सैन्य अभ्यास से हमारी सेना ने पूरी दुनिया तक यह पैगाम पहुंचा दिया है कि भारतीय सेना जमीन से लेकर आसमान तक दुश्मन का जवाब देने के पूरी तरह तैयारहै।यहयुद्धाभ्यास पाकिस्तान और चीन दोनों की नींद उड़ा सकता है। लद्दाख में इस सफल युद्धाभ्यास के बाद अब अगले महीने यानी अक्टूबर में अरुणाचल प्रदेश में भारतीय थल सेना की माउंटेन कोर और वायुसेना चीन सीमा के नजदीक एक बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही है। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन 'हिम विजय' में शामिल होने के लिए माउंटेन स्ट्राइक कॉस के जवानों को एयरलिफ्ट कर ले जाया जाएगा। जवानों को एयरलिफ्ट करने के लिए एयरफोर्स की मदद ली जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि इस युद्धाभ्यास में शामिल करने के लिएजवानों को एयरलिफ्ट करने के लिएवायुसेना के नवीनतम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-17, सी-130जे सुपर हरक्युलस और एएन32 का इस्तेमाल किया जा सकता है। ईटानगर। चीन के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच भारत ने अरुणाचल प्रदेश में एक और एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड को बुधवार को शुरू कर दिया। चीन और म्यांमार की सीमा से सटे विजयनगर एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड पर पूर्वी क्षेत्र के एयरकमांडर एयर मार्शल आरडी माथुर और भारतीय सेना केपूर्वी क्षेत्र के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एन-32 से लैंड कर इसकी शुरुआत की। अरुणाचल प्रदेश में सैन्य आधारभूत ढांचे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8 एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड बनाए गए हैं जिनमें विजयनगर एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड भी एक है। दो इंजनों वाले एन-32 विमान ने करीब 3 साल के अंतराल के बाद विजय नगर हवाई पट्टी पर लैंड किया है।



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